पते की बात
जेब
है अजब ये जिंदगानी ,जब थे हम पैदा हुए ,
पहले ,पहनी ,लंगोटी,उसमे न कोई जेब था
जिंदगी भर जेब भरने की कवायद में लगे,
मरे तो ओढा कफ़न, उसमे न कोई जेब था
घोटू
‘फजिरे- फजिरे’ …
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फजिरे से बारिश हो रही है। नींद में थी तब से बूँदों की रुनझुन सुन रही हूँ।
अब तो शाम ढलने वाली है और लगातार बारिश… थोड़ी ठंड भी महसूस हो रही है। बारिश
मे...
1 दिन पहले
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