पते की बात
भगवान और मंदिर
उनने बोला 'हर जगह भगवान है मौजूद तो,
मंदिरों की क्या जरूरत है ,हमें बतलाईये
हमने बोला 'हर जगह मौजूद कमरे में हवा ,
फिर क्यों पंखे चलाते हो ,हमको ये समझाईये
घोटू
मौन
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मौन देह करे अवशोषण भोजन काइतना ही तो पर्याप्त नहीं हर विचार, भावना और हर
अनुभव को आत्मसात करे मन भी !जीना है हर पल को शिद्दत से न रहे कोई कटु
स्मृति न भीतर...
7 घंटे पहले
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