पते की बात
भगवत उचाव
तू वही करता है जो तू चाहता
मगर होता वही जो मै चाहता
तू वही कर ,जो की मै हूँ चाहता
फिर वही होगा जो है तू चाहता
घोटू
809. तो मिले उपहार (5 ताँका)
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तो मिले उपहार
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1.
राखी-त्योहार
भाई है शर्मसार
जेब है ख़ाली
कैसे ले उपहार
मँहगाई की मार।
2.
राखी है आई
भाई है परदेस
बहना दुःखी
वीडियो-कॉल आया
ब...
2 दिन पहले
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