ओ पाकिस्तानियों सुनलो ,हमारी तो है ये आदत
जो मेहमां बन के आओगे ,तो देंगे हम तुम्हे दावत
अगर घुसपेठिये बन कर ,जो आओगे जेहादी बन ,
तो नेस्तनाबूत कर देंगे, बना देंगे बुरी हालत
घोटू
दिन-एक उपहार
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दिन-एक उपहार मिला है उपहार की तरह दिन आज कालिपटा हुआ एक चमकीले आवरण
में हम मुग्ध हैं उसी पर खोलना नहीं चाहते रख देते हैं आलमारी में रंगीन
पैकेट्स में बंद...
3 दिन पहले
देशभक्ति का जज्बा...
जवाब देंहटाएंबहुत सही
जवाब देंहटाएंपूरी तरह सहमत
dhanywaad
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