काहे बखेड़ा करते है
मोह माया के चक्कर में हम,मन को मैला करते है
खुश भी होते,परेशान भी,मुश्किल झेला करते है
ऊपर चढ़ते है इठला कर,झटके से नीचे गिरते ,
खेल सांप का और सीडी का ,हरदम खेला करते है
कोई जरा बुराई करदे ,तो उतरा करता चेहरा ,
कोई जब तारीफ़ कर देता,खुश हो फैला करते है
सब से आगे बढ़ने की है जिद हममे इतनी रहती,
सभी परायों और अपनों को,पीछे ठेला करते है
बिना सही रस्ता पहचाने ,पतन गर्द में गिर जाते,
बिना अर्थ जीवन का जाने,व्यर्थ झमेला करते है
खाली हाथों आये थे और खाली हाथों जायेंगे,
कुछ भी साथ नहीं जाता पर तेरा मेरा करते है
'घोटू'जितना भी जीवन है,हंसी ख़ुशी जी भर जी लें ,
उठक पटक में उलझा खुद को,काहे बखेड़ा करते है
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
Fwd: Bank statement for Kotak A/c X8030 from 01-04-2026 to 04-07-2026
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From: madan mohan Baheti
Date: Sat, 4 Jul, 2026, 11:41 am
Subject: Fwd: Bank statement for Kot...
13 घंटे पहले
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