घोटू के पद
मै नहीं माखन खायो
बीबीजी मोरी ,मै नहीं माखन खायो
आध किलो माखन को टिक्को,कल ही तो थो आयो
आज तोहे वो कम लागत है,शक है मैंने खायो
मोहे तो माखन वर्जित है,क्लोरोस्टाल बढायो
होय सकत है ,चूहा खायो,या गर्मी पिघलायो
तेरे माखन से गालन से ,अब तो मन बहलायो
'घोटू'यह सुन बीबीजी खुश,ले उर कंठ लगायो
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
आँगन में उतरा हो जैसे
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आँगन में उतरा हो जैसेसाँझ-सवेरे जब उपवन में, पंछी गाये पीहू-पीहू आँगन में
उतरा हो जैसे, फूला, खिला बोहाग बीहू !आया बसंत, हर मन उत्सुक, स्पंदित होकर
जागी ध...
3 घंटे पहले
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