बदलती खुशबुंए
नयी नयी शादी होती तो ख़ुशी खनकती बातों में
मादक सी खुशबू आती है,मेंहदी वाले हाथों में
शादी बाद चंद बरसों तक ,पत्नी है चहका करती
नए नए परफ्यूम ,सेंट की,खुशबू से महका करती
जब माँ बनती ,तो बच्चे को ,लोरी सुना सुलाती है
बेबी पावडर ,दूध,तेल की,उसमे खुशबू आती है
फिर चूल्हे,चौके में रमती,सेवा में घर वालों की
आती है हाथो से खुशबू,हल्दी,मिर्च,मसाले की
लोरी,चहक सभी बिसराती, जब वो चालीस पार हुई
आयोडेक्स और पेन बाम की खुशबू संग लाचार हुई
पूजा पाठ बुढ़ापे में है,भजन कीर्तन है गाती
धूप,अगरबत्ती,चन्दन की ,खुशबू है उसमे आती
साथ उमर के ,तन की खुशबू,यूं ही बदला करती है
मगर प्यार की खुशबू मन में,उसके सदा महकती है
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
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*जन्मों का गठबंधन **/ अनिता ललित*
*बोली मुस्कान, आँसू से,*
*एक दिन आकर** -*
*क्यों आते हो तुम -अँखियों में भर**-**भर**?*
*होकर के मजबूर**, **मैं ...
6 घंटे पहले
बहुत ही सटीक और जीवंत अवलोकन | बधाई
जवाब देंहटाएंTamasha-E-Zindagi
Tamashaezindagi FB Page
आप की टिप्पणी पढ़ी... धन्यवाद
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