पते की बात
धीरज
बारिश आई और आपने छतरी तानी
आप न भीगे ,रहे बरसता ,कितना पानी
तंग आपदाएं करती ,जीवन में आकर
धीरज की छतरी रखती है तुम्हे बचाकर
घोटू
जीने की कला
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जीने की कला क्या मिला है? क्या नहींइसको न देखें क्या घटा है मन के भीतर
? क्या बने हैं, इसे परखें !धन मिला, पर बुझ गया मन यश मिला, पर ढल गया तन घर
बनाया ए...
16 घंटे पहले
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