पते की बात
रिश्ते-नाते
ऐसे होते है कुछ नाते
जैसे किसी घडी के कांटे
एक धुरी से बंध कर भी वो ,
बड़ी देर तक ,ना मिल पाते
जुड़े रहते जिंदगी भर
मगर मिलते सिर्फ पलभर
घोटू
मौन
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मौन देह करे अवशोषण भोजन काइतना ही तो पर्याप्त नहीं हर विचार, भावना और हर
अनुभव को आत्मसात करे मन भी !जीना है हर पल को शिद्दत से न रहे कोई कटु
स्मृति न भीतर...
13 घंटे पहले
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