माचिस की तिली
पेड़ की लकड़ी से बनती,कई माचिस की तिली ,
सर पे जब लगता है रोगन,मुंह में बसती आग है
जरा सा ही रगड़ने पर ,जलती है तिलमिला कर,
और कितने दरख्तों को ,पल में करती खाक है
घोटू
ADVOCATE"S POWER
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सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक एडवोकेट के खिलाफ बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI)
द्वारा की गई प्रतिकूल टिप्पणी (Adverse Remark) को रद्द कर दिया। कोर्ट ने
क...
1 दिन पहले
बहुत बहुत बधाई...
जवाब देंहटाएंअधिक संघर्ष से चन्दन भी जल जाता है |
जवाब देंहटाएंअवसर आने पर 'सुप्त ज्वालामुखी' भी उबल जाता है ||