आत्मज्ञान
फोन से अपना ही नंबर ,मिला कर देखो कभी
टोन तुमको सुनाई देगी सदा इंगेज की
दूसरों बात करने में तो सब ही मस्त है
खुद से बातें करने की पर सभी लाईन व्यस्त है
घोटू
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*लेखक का पाठक होना ही सृजन की दृष्टि है - ऋता शेखर ‘मधु’*
*सृजन- दृष्टि (समीक्षा- संग्रह): डॉ. शिवजी श्रीवास्तव**, **पृष्ठ - **192, **मूल्य
- **550...
1 दिन पहले
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