चुम्बक
तुझे देख पागल हो जाता
तेरी ओर खिंचा मै आता
तुझसे मिलता लपक लपक मै
तुझसे जाता चिपक चिपक मै
नहीं अगाथा मै तुमको तक
पर मै समझ न पाया अबतक
मै लोहा हूँ और तुम चुम्बक
या तुम लोहा और मै चुम्बक
घोटू
लैंगिक भेदभाव और मातृत्व
-
- प्रेम प्रकाश
भारत में मां को त्याग, समर्पण और अनंत जिम्मेदारियों के प्रतीक के रूप में
महिमामंडित किया जाता है, लेकिन इस छवि के पीछे एक असहज सच छिपा है...
1 दिन पहले
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