चुम्बक
तुझे देख पागल हो जाता
तेरी ओर खिंचा मै आता
तुझसे मिलता लपक लपक मै
तुझसे जाता चिपक चिपक मै
नहीं अगाथा मै तुमको तक
पर मै समझ न पाया अबतक
मै लोहा हूँ और तुम चुम्बक
या तुम लोहा और मै चुम्बक
घोटू
निजता
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निजता किसी को, कुछ और नहीं होना है जो, जो है, वही होकर, स्वयं को संजोना
है गुलाब, गुलाब रहकर ही महकेगा कमल जल में ही चहकेगा निजता को पहचान, उस पर
महल बनाना...
15 घंटे पहले
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