माचिस की तिली
पेड़ की लकड़ी से बनती,कई माचिस की तिली ,
सर पे जब लगता है रोगन,मुंह में बसती आग है
जरा सा ही रगड़ने पर ,जलती है तिलमिला कर,
और कितने दरख्तों को ,पल में करती खाक है
घोटू
लैंगिक भेदभाव और मातृत्व
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- प्रेम प्रकाश
भारत में मां को त्याग, समर्पण और अनंत जिम्मेदारियों के प्रतीक के रूप में
महिमामंडित किया जाता है, लेकिन इस छवि के पीछे एक असहज सच छिपा है...
1 दिन पहले
बहुत बहुत बधाई...
जवाब देंहटाएंअधिक संघर्ष से चन्दन भी जल जाता है |
जवाब देंहटाएंअवसर आने पर 'सुप्त ज्वालामुखी' भी उबल जाता है ||