पते की बात
जेब
है अजब ये जिंदगानी ,जब थे हम पैदा हुए ,
पहले ,पहनी ,लंगोटी,उसमे न कोई जेब था
जिंदगी भर जेब भरने की कवायद में लगे,
मरे तो ओढा कफ़न, उसमे न कोई जेब था
घोटू
जग इक अनुभव
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जग इक अनुभव उर की सरिता बहती जाये सागर से यह कहती जाये, तेरा-मेरा साथ
पुराना तुझसे हुई, तू ही बुलाये !आना सुख था, जाना भी है किया पसार, समेट रही
अब, जग इक ...
2 घंटे पहले
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