जम्बू फल प्रियं
( गजाननं भूतगणादी सेवकं ,
कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणं ....)
लम्बोदर है श्री विनायक
आगे भरे थाल में मोदक
मोदकप्रिय ,स्थूल देह है
शायद इनको मधुमेह है
इसीलिए प्रिय फल है जामुन
जो करता है मधुमेह कम
मधुमेह उपचार कहाता
जामुन उनके मन को भाता
घोटू
वही वही
-
आकाश एक वही अनंत आकाश झरता है जिसमें से परम प्रकाश वही आश्रय है हमारा उपजे
उसी से उसी में समा जाएँगे कुछ पल डोलेंगे यहाँ इंद्रधनुष की तरह देखते-देखते
विली...
1 दिन पहले
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
कृपया अपने बहुमूल्य टिप्पणी के माध्यम से उत्साहवर्धन एवं मार्गदर्शन करें ।
"काव्य का संसार" की ओर से अग्रिम धन्यवाद ।