कुछ तो ख्याल किया होता
जिनने जीवन भर प्यार किया ,
उन्हें कुछ तो प्यार दिया होता
मेरा ना मेरी बुजुर्गियत ,
का कुछ तो ख्याल किया होता
छोटे थे थाम मेरी उंगली ,
तुम पग पग चलना सीखे थे,
मै डगमग डगमग गिरता था,
तब मुझको थाम लिया होता
जब तुम पर मुश्किल आई तो ,
मैंने आगे बढ़ ,मदद करी,
जब मुझ पर मुश्किल आई तो,
मेरा भी साथ दिया होता
मैंने तुमसे कुछ ना माँगा ,
ना मांगू ,ये ही कोशिश है,
अहसानों के बदले मुझ पर,
कुछ तो अहसान किया होता
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
गलतियाँ ........
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कुछ गलतियाँ गलती से हो जाती हैं कुछ नासमझी,नादानी से कुछ भावनाओं में
बहकर अनचाहा ही कुछ कहकर कुछ गलतियाँ छोड़ जाती हैं अपनी खरोंचों के निशान ऐसी
जगहों पर जि...
23 घंटे पहले
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