भगवान और गूगल अर्थ
'फेसबुक 'की तरह होता खुदा का दीदार है,
मंदिरों में हमें दिखता ,देव का दरबार है
बजा कर मंदिर में घंटी,फोन करते है उसे ,
बात सबके दिल की सुनता ,वो बड़ा दिलदार है
मन्त्र से और श्लोक से हम ,'ट्विट ' करते है उसे ,
आरती 'यू ट्यूब 'से करता सदा स्वीकार है
भले 'गूगल अर्थ'बोलो या कि तुम 'याहू'कहो,
'अर्थ'ये उसने रची है, उसी का संसार है
घोटू
सदस्यता के नाम पर बार वकील को प्रेक्टिस से नहीं रोक सकती-तेलंगाना हाईकोर्ट
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तेलंगाना हाईकोर्ट (Telangana High Court) के ऐतिहासिक फैसले के अनुसार, बार
एसोसिएशन की सदस्यता पूरी तरह से स्वैच्छिक है। यदि कोई वकील किसी बार
एसोसिएशन...
1 दिन पहले
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