पते की बात
माँ का त्याग
घर में पांच लोग होते थे,,
पर जब चार सेव आते
तब माँ ही होती जो कहती ,
मुझे सेव फल ना भाते
घोटू
तुम्हारी ग़ज़ल
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दिनांक 14 फरवरी 2026, उदगार सभागार में प्रियंका तिवारी के ग़ज़ल संग्रह
तुम्हारी ग़ज़ल के लोकार्पण समारोह की कुछ तस्वीरें।
3 घंटे पहले
माँ तो ऐसी ही होती हैं ,दिल छू लेने वाली रचना
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