जूताचोर
यूरोप के चर्चों में देखा ,सब जूते पहने जाते है
तुर्की की मस्जिद में जूते ,संग थैली में ले जाते है
हम तो मंदिर के बाहर ही,है जूते खोल दिया करते
एसा लगता उन देशों में ,हैं जूते चोर बहुत बसते
घोटू
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*लेखक का पाठक होना ही सृजन की दृष्टि है - ऋता शेखर ‘मधु’*
*सृजन- दृष्टि (समीक्षा- संग्रह): डॉ. शिवजी श्रीवास्तव**, **पृष्ठ - **192, **मूल्य
- **550...
1 दिन पहले
जूते चोर हमारे यहाँ भी है।
जवाब देंहटाएंवाह...सुंदर
जवाब देंहटाएंलेखनी के वीर |
जवाब देंहटाएंव्यंग्य के तीर -
छोड़ कर घायल करते हैं-
'सुस्ती'के दुश्मन को|
गुदागुगाते हैं ये मन को ||
dhanywaad
जवाब देंहटाएंSuperb👌👌👌👌👌
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