आप आये
सर्द मौसम,आप आये
अकेलापन ,आप आये
दुखी था बमन,आप आये
बड़ी तडफन ,आप आये
खिल उठा मन,आप आये
हुई सिहरन,आप आये
मिट गया तम,आप आये
रौशनी बन ,आप आये
खनका आँगन,आप आये
बंधे बंधन,आप आये
बहका ये तन,आप आये
महका जीवन आप आये
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
जग इक अनुभव
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जग इक अनुभव उर की सरिता बहती जाये सागर से यह कहती जाये, तेरा-मेरा साथ
पुराना तुझसे हुई, तू ही बुलाये !आना सुख था, जाना भी है किया पसार, समेट रही
अब, जग इक ...
2 घंटे पहले
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