आप आये
सर्द मौसम,आप आये
अकेलापन ,आप आये
दुखी था बमन,आप आये
बड़ी तडफन ,आप आये
खिल उठा मन,आप आये
हुई सिहरन,आप आये
मिट गया तम,आप आये
रौशनी बन ,आप आये
खनका आँगन,आप आये
बंधे बंधन,आप आये
बहका ये तन,आप आये
महका जीवन आप आये
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
जीने की कला
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जीने की कला क्या मिला है? क्या नहींइसको न देखें क्या घटा है मन के भीतर
? क्या बने हैं, इसे परखें !धन मिला, पर बुझ गया मन यश मिला, पर ढल गया तन घर
बनाया ए...
1 दिन पहले
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