पते की बात
मील का पत्थर
जिंदगानी के सफ़र में,कितने ही पत्थर मिले,
बिना उनकी किये परवाह ,आगे हम बढ़ते गए
मील के पत्थर बने वो,रास्ते के चिन्ह है,
बाद में पहचान रस्ते की वो पत्थर बन गए
घोटू
लैंगिक भेदभाव और मातृत्व
-
- प्रेम प्रकाश
भारत में मां को त्याग, समर्पण और अनंत जिम्मेदारियों के प्रतीक के रूप में
महिमामंडित किया जाता है, लेकिन इस छवि के पीछे एक असहज सच छिपा है...
1 दिन पहले
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