पते की बात
मुश्किलें
जिंदगी में ,आधी मुश्किल ,आती है इस वास्ते ,
बिना सोचे और समझे ,काम कुछ करते है हम
और बाकी आधी मुश्किल ,आती है इस वास्ते ,
सोचते ही रहते है और कुछ नहीं करते है हम
घोटू
निजता
-
निजता किसी को, कुछ और नहीं होना है जो, जो है, वही होकर, स्वयं को संजोना
है गुलाब, गुलाब रहकर ही महकेगा कमल जल में ही चहकेगा निजता को पहचान, उस पर
महल बनाना...
15 घंटे पहले
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
कृपया अपने बहुमूल्य टिप्पणी के माध्यम से उत्साहवर्धन एवं मार्गदर्शन करें ।
"काव्य का संसार" की ओर से अग्रिम धन्यवाद ।