चोरी की परमिशन
यदुवंशी किशन कन्हैया,
खुद माखन चुराते थे
और साथी ग्वालबालों से,
ये भी कहते जाते थे
तुम भी थोडा माखन चुरा सकते हो,
अपना ही माल है
और जन्माष्टमी के अवसर पर,
एक यदुवंशी नेता ने,
कृष्णजी की याद में,
यदि अपने अफसरों को,
थोड़ी बहुत चोरी करने की परमिशन देदी,
तो फिर क्यों बवाल है?
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
नाम...
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तुम्हारा नाम याद करने की कोशिश कर रही हूँ
जाने किस नाम से पुकारती थी तुम्हें उन दिनों…
चेहरा एकदम साफ़ उतर आता है आँखों के आगे
जैसे सामने देख रही हूँ कोई ...
10 घंटे पहले
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