आजकल हम रोज जिम जाने लगे है
प्यार में हम जिनके पगलाने लगे है
आजकल वो हमसे कतराने लगे है
तहे दिल से उनसे करते है मोहब्बत,
और उनको हम तो दीवाने लगें है
थोड़ी सी अच्छी हुई सेहत हमारी,
कहते है कि हम अब मोटियाने लगे है
दिल मिलाने की कहो तो तिलमिलाते,
आजकल वो नखरे दिखलाने लगे है
पेट या सरदर्द का करके बहाना,
किस तरह भी हम को टरकाने लगे है
दुबले होने डाइटिंग के नाम पर हम,
उबली सब्जी ,टमाटर ,खाने लगे है
'घोटू 'हम स्टीम ,सोना बाथ लेकर,
अपनी चर्बी , थोड़ी छटवाने लगे है
जब से उनने हमको मोटा कह दिया है,
आजकल हम रोज जिम जाने लगे है
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
‘फजिरे- फजिरे’ …
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फजिरे से बारिश हो रही है। नींद में थी तब से बूँदों की रुनझुन सुन रही हूँ।
अब तो शाम ढलने वाली है और लगातार बारिश… थोड़ी ठंड भी महसूस हो रही है। बारिश
मे...
1 दिन पहले
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