पसीना बहाना
कितनी नाइंसाफी है
गरीब मेहनत कर पसीना बहाता है,
और अमीर को पसीना बहाने के लिए,
'सोना बाथ'लेना काफी है
बस इतना अंतर है
गरीब जब पसीना बहाता है,
चार पैसे कमाता है
और अमीर पसीना बहाने के लिये,
चार आने लगाता है
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
शिक्षक दिवस पर शुभकामनाएँ
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माँ शारदे तू ही तो है पहली शिक्षक भाषाविद् व ज्ञान प्रदायिनी, मौन सृष्टि
में गूँज उठी थी स्वर-अक्षर भर तेरी वाणी !गायन-वादन का दिया ज्ञान मनुज का
किया दूर ...
16 घंटे पहले
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