मार दी
हुस्नवाले हो गए है ,देखो कितने बेरहम,
गिराई बिजलियाँ हम पर, नज़र तिरछी मार दी
वो भी थे कुछ में और हम भी थे कुछ सोच में,
जरा सी गफलत हुई, आपस में टक्कर मार दी
देख उनको आँख फडकी,बंद सी कुछ हो गयी,
हम पे है आरोप हमने , आँख उनको मार दी
व्यस्त थे हम देखने में ,जलवा उनके हुस्न का,
दिलजले ने मौका पा,पाकिट हमारी मार दी
दिखाये थे हमको उनने,सपन सुन्दर,सुहाने,
वक़्त कुछ देने का आया ,उनने डंडी मार दी
वोट के बदले में हमको नेताजी ने क्या दिया,
दाम चीजों के बढ़ा, मंहगाई की बस मार दी
बड़ा लम्बा लेक्चर था,और वो भी बेवजह,
हमने देखा,हमसे कितनो ने थी झपकी मार दी
आ रहा था बड़ा आलस,मूड था आराम का,
बिमारी के बहाने हमने भी छुट्टी मार दी
लोग इतने प्रेक्टिकल हो गये है आजकल,
जिसको भी मौका मिला तो दूसरों की मार दी
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
ॐ शांति ! शांति !! शांति !!!
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ॐ शांति ! शांति !! शांति !!! भीतर साधें शांति, संतुलन हो गतिमय बाहर का
जीवन, ज्यों शिव शांत रहें अंतर में बाहर करते तांडव नर्तन !ज्यों वृक्ष टिका
भीतर भ...
11 घंटे पहले
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