दिल्ली का मौसम -आज का
रात बारिश हुई थी और गिरे थे ओले,
बिजलियाँ चमकी थी और खूब घिरे थे बादल
आज तो भोर से ही छा रहा घना कोहरा,
हवायें ,तेज भी है,सर्द भी है और चंचल
बड़ी ही ठण्ड है ,छाया है अँधेरा दिन में ,
सुबह से आज तो सूरज भी हो गया गुम है
आओ हम बैठ कर बिस्तर में पकोड़े खायें ,
रजाई में दुबक के रहने का ये मौसम है
मदन मोहन बाहेती 'घोटू'
808. आज़ादी मिले
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आज़ादी मिले
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जन्म से मिलती है
मृत्यु तक मिलती है
साँस लेने की आज़ादी
पलक झपकाने की आज़ादी
सोचने की आज़ादी
वैसे ही हर इंसान को मिले
समान शिक्षा और स्व...
13 घंटे पहले
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