एक छोटी सी प्रार्थना
हे कमलनयन!
किसी कमल नयनी,सुकोमल,
सुमुखी सुंदरी के नयनों से,
मेरे नयन मिलवा दो
हे गिरिधारी!
अपने वक्श्थल पर,
द्वि गिरी धारण किये हुए,
यौवन से लदी,
किसी षोडसी कन्या से,
मेरा मिलन करवादो
हे चतुर्भुज!
किसी कोमल,कमनीय,
कमलनाल सी भुजाओं वाली,
कामिनी के करपाश में बंध कर,
मै भी चतुर्भुज हो जाऊं,एसा वर दो
हे हिरण्यमयी लक्ष्मी के नाथ,
किसी स्वर्णिम आभावाली,
स्वर्ण सुंदरी की स्वर्णिम मुस्कराहटों से,
मेरा जीवन भी स्वर्णिम कर दो
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
भारतीय दर्शन दुःख मुक्ति के उपाय बताते हैं
-
प्रमुख भारतीय दर्शनों का केंद्र दुःख है
निम्न टेबल में बौद्ध दर्शन , सांख्य दर्शन , पतंजलि योग दर्शन , जैन दर्शन और
अद्वैत वेदांत दर्शन (उत्तर मीमांसा दर...
8 घंटे पहले
बड़ी कठिन मांग है..देखें कब पूरी कब होती है..:)
जवाब देंहटाएं