परेशानी की वजह
तुम परेशां,हम परेशां,हर कोई है परेशां,
परेशानी किस वजह है,कभी सोचा आपने
बात है ऐसी कोई जो खटकती मन में सदा,
याद करिये किया था क्या कोई लोचा आपने
बहुत सी चिंतायें जो रहती लगी घुन की तरह,
गलतियां तो खुद करी,औरों को कोसा आपने
या की फिर बढ़ने को आगे,जिंदगी की दौड़ में,
क्या कभी तोडा था ,कोई का भरोसा आपने
हमने उनसे पूछा ये,तो उनने हम से ये कहा,
जो भी ,जैसा चल रहा है,चलने दो,खामखाँ,
परेशानी की वजह को ढूँढने की फ़िक्र में,
एक परेशानी बढ़ा कर, करें खुद को परेशां
मदन मोहन बाहेती 'घोटू'
वकील के लिए मुवक्किल की स्पष्ट लिखित अनुमति आवश्यक-सुप्रीम कोर्ट
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यह महत्वपूर्ण फैसला '*कृष्णा कुमार ओझा और अन्य बनाम जितेंद्र चौधरी और अन्य'
मामले* में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया है।
इस मामले से जुड़ी मुख्य जानकारि...
18 घंटे पहले
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