एक सन्देश-

यह ब्लॉग समर्पित है साहित्य की अनुपम विधा "पद्य" को |
पद्य रस की रचनाओ का इस ब्लॉग में स्वागत है | साथ ही इस ब्लॉग में दुसरे रचनाकारों के ब्लॉग से भी रचनाएँ उनकी अनुमति से लेकर यहाँ प्रकाशित की जाएँगी |

सदस्यता को इच्छुक मित्र यहाँ संपर्क करें या फिर इस ब्लॉग में प्रकाशित करवाने हेतु मेल करें:-
kavyasansaar@gmail.com
pradip_kumar110@yahoo.com

इस ब्लॉग से जुड़े

गुरुवार, 7 मई 2020

अब जाओ भाग कोरोना

कर दिया त्रसित है तुमने ,दुनिया का कोना कोना
तुम सुई नोकसे छोटे ,अति सूक्ष्म 'वाइरस' हो ना
तुमने औकात दिखा दी ,मानव है कितना बौना
सब जान गये है तुमको ,अब जाओ भाग कोरोना

तुमने कितने महिनो से ,लोगों को बिठा रखा घर
मजदूर दिहाड़ी के बिन ,अब भटक रहे हैं दर दर
बंद प्रतिष्ठान है सारे , रौनक बाज़ार की गायब
बंद पड़ी रेल ,बस,मेट्रो ,जाने चल पाएगी कब
आदत में आया हमारी ,अब परेशानियां ढ़ोना
सब जान गए हैं  तुमको ,अब जाओ भाग कोरोना

हम सब सामजिक प्राणी,आपस में हिलमिल हँसते
अब  भूले  मिलना जुलना , दूरी  से  करें  नमस्ते
हाथों में सेनेटाइजर ,और मुख पर बांधे पट्टी
दुनिया  तुमसे आतंकित ,गुम  सबको सिट्टी पिट्टी  
सब पीड़ित किसके आगे ,जा रोयें अपना रोना
सब जान गए है तुमको ,अब जाओ भाग कोरोना

मदन मोहन बाहेती 'घोटू '

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कृपया अपने बहुमूल्य टिप्पणी के माध्यम से उत्साहवर्धन एवं मार्गदर्शन करें ।
"काव्य का संसार" की ओर से अग्रिम धन्यवाद ।

हलचल अन्य ब्लोगों से 1-