जमीन से जुड़ो
घास ,
जमीन से जुडी होती है
जो शबनम की बूंदों को भी,
बना देती मोती है
एक छोटा सा बीज,
जब धरती की कोख में समाता है
तो विशालकाय वृक्ष बन जाता है
या कई गुणित होकर,
फसल सा लहलहाता है
तारे,
जो ऊपर आसमान से ताल्लुक रखते है
लुप्त हो जाते है उजाले में,
बस रात को चमकते है
ये धरा क्या है
ये धरा हमारी माँ है
हमारी काया
को धरा की माटी ने बनाया
हमारा सहारा है,
हमारा आसरा है
आसमान में क्या धरा है
रत्नों की खान,रत्नगर्भा धरा है
इसलिए ज्यादा ऊंचे मत उड़ो
आसमान का तारा बनने से बेहतर है,
जमीन से जुड़ो
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
मिट्टी की खुशबू
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मिट्टी की खुशबू और हम
जिस मिट्टी की तिलक लगाने
हम नीचे झुक जाते हैं
वह चंदन कण बन माथे पर
भारत का मान बढ़ाते हैं
बारिश की वह प्रथम बूंद है
जो मिट्...
2 घंटे पहले
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