चिक
मेरे शयनकक्ष में,रोज धूप आती थी
सर्दी में सुहाती थी
गर्मी में सताती थी
अब मैंने एक चिक लगवाली है
और धूप से मनचाही निज़ात पा ली है
समय के अनुरूप
वासना की धूप
जब मेरे संयम की चिक की दीवार से टकराती है
कभी हार जाती है
कभी जीत जाती है
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
वकील के लिए मुवक्किल की स्पष्ट लिखित अनुमति आवश्यक-सुप्रीम कोर्ट
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यह महत्वपूर्ण फैसला '*कृष्णा कुमार ओझा और अन्य बनाम जितेंद्र चौधरी और अन्य'
मामले* में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया है।
इस मामले से जुड़ी मुख्य जानकारि...
10 घंटे पहले
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