साहित्य सुरभि: अग़ज़ल - 26: कोई भी तो नहीं होता इतना करीब दोस्तो खुद ही उठानी पडती है अपनी सलीब दोस्तो. दोस्त बनाओ मगर दोस्ती पे न छोडो सब कुछ क्य...
सबके दिल की गहराई में
-
सबके दिल की गहराई में इक भूमि की गोद में उगते नीम और आमों के तरुवर, दोनों
जीवन को संजोये इक कटु, दूजा मृदु रस भरकर !सबके दिल की गहराई में जीवन का इक
अंश छि...
3 घंटे पहले

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
कृपया अपने बहुमूल्य टिप्पणी के माध्यम से उत्साहवर्धन एवं मार्गदर्शन करें ।
"काव्य का संसार" की ओर से अग्रिम धन्यवाद ।