साहित्य सुरभि: अग़ज़ल - 26: कोई भी तो नहीं होता इतना करीब दोस्तो खुद ही उठानी पडती है अपनी सलीब दोस्तो. दोस्त बनाओ मगर दोस्ती पे न छोडो सब कुछ क्य...
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*जन्मों का गठबंधन **/ अनिता ललित*
*बोली मुस्कान, आँसू से,*
*एक दिन आकर** -*
*क्यों आते हो तुम -अँखियों में भर**-**भर**?*
*होकर के मजबूर**, **मैं ...
7 घंटे पहले

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