आओ हम तुम हँसे
आओ हम तुम हंसें
मन में खुशियाँ बसे
जीवन की आपाधापी में,
रहे न यूं ही फंसे
खुश हो सबसे मिलें
दिल की कलियाँ खिले
नहीं किसी से बैर भाव,
मन में शिकवे गिले
बस यूं ही मुस्काके
लगते रहे ठहाके
धीरे धीरे बिसर जायेंगे,
सारे दुःख दुनिया के
खिल खिल ,कल कल बहें
लगा सदा कहकहे
तन मन दोनों की ही सेहत,
सदा सुहानी रहे
चेहरा हँसता लिये
सुखमय जीवन जियें
बहुत मिलेगी खुशियाँ,
यदि कुछ करो किसी के लिये
चार दिनों का जीवन
हो न किसी से अनबन
खुशियाँ बरसेगी,सरसेगी,
हँसते रहिये हरदम
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
815. रंग-बिरंगा (8 हाइकु)
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रंग-बिरंगा
***
1.
अड़ा रहता
गुलमोहर-मन
हो कोई स्थिति।
2.
मन में उगा
गुलमोहर तरु
रंग-बिरंगा।
3.
अग्नि-से लाल
गुलमोहर फूल
बड़ा लुभाते।
4.
...
1 दिन पहले
बहुत मिलेगी खुशियाँ
जवाब देंहटाएंयदि कुछ करो किसी के लिए - सुन्दर ,सच कहा आपने !