सर ऊपर उठाना है
अगर आवाज को अपनी ,बुलंदी से सुनाना है
अगर सोये हुओ को जो,तुम्हे फिर से जगाना है
बिना गर्दन किये ऊंची,न मुर्गा बांग दे सकता ,
तुम्हे भी आगे बढ कर ,अपना सर ऊपर उठाना है
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
जन-जन का मन भी प्रज्ज्वल हो
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जन-जन का मन भी प्रज्ज्वल हो नीले नभ में देख तिरंगा हर भारतवासी को गर्व
है, वीरों के बलिदानों से ही आया आज़ादी का पर्व है !भारत की मिट्टी चंदन,
भरा ऋषियों ...
2 घंटे पहले
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