ओ पाकिस्तानियों सुनलो ,हमारी तो है ये आदत
जो मेहमां बन के आओगे ,तो देंगे हम तुम्हे दावत
अगर घुसपेठिये बन कर ,जो आओगे जेहादी बन ,
तो नेस्तनाबूत कर देंगे, बना देंगे बुरी हालत
घोटू
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*डॉ**. सुरंगमा यादव की कविताएँ*
* 1 यूँ हीं न मिले कुछ *
फलक पर सितारे न यूँ ही सजे हैं
सिफ़र से शिखर तक जमाने लगे हैं
खुशियों का मौसम न यूँ ही मि...
15 घंटे पहले
देशभक्ति का जज्बा...
जवाब देंहटाएंबहुत सही
जवाब देंहटाएंपूरी तरह सहमत
dhanywaad
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