कत्था-चूना
देश को चूना लगाने वाले इन पनवाडियों ने
सत्ताधारियों ने
जनता के (खान)पान में ,इतना चूना लगाया है
कि सारा का सारा मुख उपड आया है
और छाले पड गए है जबान में
अब तो बस आएगा वो ही काम में
जो फटे हुए मुंह पर लगाएगा कत्था
अगली बार,वो ही पायेगा सत्ता
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
मृत्यु के उस अंधकार से
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मृत्यु के उस अंधकार से जो सृष्टि की मूल प्रकृति हैं तीनों गुणों को करें
सक्रिय, घोर विनाश की महारात्रि भीषण, उग्र ज्यों अंतिम प्रलय !काल नहीं ठहरता
उनमें म...
23 घंटे पहले
वाह ...वाह...
जवाब देंहटाएंbahut badhiya!
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