प्रेम रहेगा कैसे मन में
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प्रेम रहेगा कैसे मन मेंजब ना कोई घर में रहता तब चुपके से कान्हा आता, नवनीत
चुरा मटका तोड़े गोपी का हर दुख मिट जाता !द्वार खुला ही छोड़ गई थी निशदिन
उसकी र...
6 घंटे पहले
गुरुजनों को सादर प्रणाम ||
जवाब देंहटाएंसुन्दर प्रस्तुति पर
हार्दिक बधाई ||