पते की बात
भरोसा
डाल टूटे,हिले ,बैठा ,पंछी ना घबराएगा
उसको अपने पंखों पर है भरोसा,उड़ जाएगा
घोटू
रामवती : स्त्री-अस्मिता, लोकजीवन और प्रतिरोध का काव्य-विमर्श — अवनीश सिंह
चौहान
-
------------------------------
*मयंक श्रीवास्तव के ग़ज़ल-संग्रह रामवती का समकालीन पुनर्पाठ*
हिंदी साहित्य के इतिहास में कुछ रचनाकार ऐसे होते हैं जो अपने स...
6 घंटे पहले