एक सन्देश-

यह ब्लॉग समर्पित है साहित्य की अनुपम विधा "पद्य" को |
पद्य रस की रचनाओ का इस ब्लॉग में स्वागत है | साथ ही इस ब्लॉग में दुसरे रचनाकारों के ब्लॉग से भी रचनाएँ उनकी अनुमति से लेकर यहाँ प्रकाशित की जाएँगी |

सदस्यता को इच्छुक मित्र यहाँ संपर्क करें या फिर इस ब्लॉग में प्रकाशित करवाने हेतु मेल करें:-
kavyasansaar@gmail.com
pradip_kumar110@yahoo.com

इस ब्लॉग से जुड़े

गुरुवार, 25 जून 2020

चीनी ड्रेगन

यह द्वापर की बात है ,जब गोकुल के पास
एक कालिया नाग का ,था यमुना में  वास
था यमुना में वास ,किया था जल जहरीला
उसको बस में किया कृष्ण ने ,दिखला लीला
करी नागिनों ने विनती ,कर फन पर नर्तन
प्राण दान दे ,किया समंदर में निष्कासन

वही भयंकर विषैला ,दुष्ट कालिया नाग
गया समंदर तैरता ,चीन देश को भाग
चीन देश को भाग ,बन गया चीनी ड्रेगन
जहरीले कर दिये वहां के लोगों के मन
फिर फुंकार रहा है ,करने उसका मर्दन
भारत का हर सैनिक तत्पर है कान्हा बन

मदन मोहन बाहेती ;घोटू '

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कृपया अपने बहुमूल्य टिप्पणी के माध्यम से उत्साहवर्धन एवं मार्गदर्शन करें ।
"काव्य का संसार" की ओर से अग्रिम धन्यवाद ।

हलचल अन्य ब्लोगों से 1-