पडी कुछ इस तरह सर्दी
बताये हाल हम कल का
रुइ से बादलों की रजाई मे
सूर्य जा दुबका
हो गया सर्द था मौसम
बढ गई इस कदर ठिठुरन
रजाई से न वो निकला
रजाई से न निकले हम
ज़िंदगी अधूरी तेरे बिन - भाग दस (10)
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ज़िंदगी अधूरी तेरे बिन - भाग दस (10)भाग 10 अंशुमन "वह कैसी है? क्या वह ठीक
है?" मैंने पूछा जब शाश्वत ने मुझे फोन करके बताया कि उसने अपनी माँ से बात की
है।...
1 घंटे पहले
सुन्दर प्रस्तुति
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