लालची लड़कियां
कुछ लड़कियां
रंगबिरंगी तितलियों सी मदमाती है
भीनी भीनी खुशबू से ललचाती है
उड़ उड़ कर पुष्पों पर मंडराती है
बार बार पुष्पों का रस पीती है
रस की लोभी है,मस्ती से जीती है
कुछ लड़कियां,
कल कल करती नदिया सी,
खारे से समंदर से भी,
मिलने को दौड़ी चली जाती है
क्योंकि समंदर,
तो है रत्नाकर,
उसके मंथन से,रतन जो पाती है
कुछ लड़कियां,
पानी की बूंदों सी,
काले काले बादल का संग छोड़,
इठलाती,नाचती है हवा में
धरती से मिलने का सुख पाने
और धरती की बाहों में जाती है समा
क्योंकि धरा,होती है रत्नगर्भा
ये लड़कियां,
खुशबू और रत्नों के सपने ही संजोती है
इतनी लालची क्यों होती है
मदन मोहन बाहेती 'घोटू'
आशा भोसले अब आवाज ही शेष है
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*आशा गणपतराव भोसले *
*फ़िल्मों की मशहूर पार्श्वगायिका हैं। लता मंगेशकर की छोटी बहन और दिनानाथ
मंगेशकर की पुत्री आशा ने फिल्मी और गैर फिल्मी लगभग 15-16 हजा...
8 घंटे पहले
bahut khub.
जवाब देंहटाएंBAHUT KHUB.
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