चिक
मेरे शयनकक्ष में,रोज धूप आती थी
सर्दी में सुहाती थी
गर्मी में सताती थी
अब मैंने एक चिक लगवाली है
और धूप से मनचाही निज़ात पा ली है
समय के अनुरूप
वासना की धूप
जब मेरे संयम की चिक की दीवार से टकराती है
कभी हार जाती है
कभी जीत जाती है
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
उत्तर प्रदेश सरकार तीन माह में पंचायत चुनाव कराने के लिए बाध्य-इलाहाबाद हाई
कोर्ट
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*इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को 3 महीने
के भीतर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न कराने का आदेश दिया है।*
*इलाहाबाद हा...
12 घंटे पहले
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