तिलहन,दलहन और दुल्हन
लोग क्लोरोस्ट्राल से घबराते है
इसलिए तेल कम खाते है
फिर भी तेल के दाम बढे जाते है
उपज कम है,इसलिए ,मंहगी है तिलहन भी
सब तरफ दाल में काला ही काला है
मंहगाई ने सबका दम ही निकाला है
दाल बिना रोटी का सूखा निवाला है
कम होती है पैदा,मंहगी है, दलहन भी
नारी तो है देवी,नारी है मातायें
लेकिन नारी को ही,अब बेटी ना भाये
नहीं रुकी कन्या के भ्रूण की हत्याएं
हो जाएगी दुर्लभ,तब मिलना दुल्हन भी
मदन मोहन बहेती'घोटू'
हम धीरे धीरे रूपांतरित हो रहे हैं
-
वातावरण का तापमान बढ़ रहा है , और मनुष्य का तापमान घट रहा है!
पूरे संसार के वैज्ञानिकों , पर्यावरण विशेषज्ञों एवं बुद्धि जीवियों द्वारा
पिछले कई वर्षों ...
7 घंटे पहले
सार्थक सन्देश का प्रवाह है आज की पोस्ट आभार|
जवाब देंहटाएं