प्रेम रहेगा कैसे मन में
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प्रेम रहेगा कैसे मन मेंजब ना कोई घर में रहता तब चुपके से कान्हा आता, नवनीत
चुरा मटका तोड़े गोपी का हर दुख मिट जाता !द्वार खुला ही छोड़ गई थी निशदिन
उसकी र...
5 घंटे पहले

यादे कहा पीछा छोड़ती है...
जवाब देंहटाएंसुन्दर भावपूर्ण रचना...
bahut hi khubsurat rachna...
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