पते की बात
विध्वंस और निर्माण
बीज उगता तो नहीं,करता वो कुछ आवाज है
मगर गिरता पेड़ ,लगता ,गिरी कोई गाज है
शोरगुल विध्वंस करता ,शांति है निर्माण में
बस यही तो फर्क है ,विध्वंस और निर्माण में
घोटू
एक रागिनी है मस्ती की
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एक रागिनी है मस्ती कीइक ही धुन बजती धड़कन मेंइक ही राग बसा कण-कण में,एक ही
मंजिल, एक रस्ताइक ही प्यास शेष जीवन में !इक ही धुन वह निज हस्ती कीएक
रागिनी है ...
5 घंटे पहले