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शनिवार, 8 जून 2024

माता , पांच दोहे 


1

हे माता ममतामयी,

 कोटिश तुझे प्रणाम 

तुझसे ही हमको मिला 

यह जीवनअभिराम 

2

तू जननी ,पालक तू ही, 

शिक्षक तू ही मात 

हम तेरे गुण गात हैं 

तुझको शीश नमात

3 

पग पग जीवन पथ बढ़े 

पाकर तुझसे ज्ञान

करती हर संतान पर 

तू कितने अहसान 

4

तेरे ही हम अंश है 

भाई ,बहन, परिवार 

तेरे आशीर्वाद से 

सब समृद्ध अपार 

5

मात तुम्हारे चरण में 

ये श्रद्धा के फूल 

अर्पित करता प्रेम से 

कर लो इन्हें कबूल 


मदन मोहन बाहेती घोटू

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