815. रंग-बिरंगा (8 हाइकु)
-
रंग-बिरंगा
***
1.
अड़ा रहता
गुलमोहर-मन
हो कोई स्थिति।
2.
मन में उगा
गुलमोहर तरु
रंग-बिरंगा।
3.
अग्नि-से लाल
गुलमोहर फूल
बड़ा लुभाते।
4.
...
1 दिन पहले

वाह मित्र वाह क्या कविता है एक -2 पंक्तियाँ लाजवाब हैं, पढ़कर आनंद आ गया.
जवाब देंहटाएंलाजवाब | सत्यता को बयां करती बहुत ही उम्दा रचना | एक-एक पंक्ति में समाज की सच्छाई छुपी हुई है |
जवाब देंहटाएं"काव्य का संसार" में आपका हार्दिक स्वागत है | निरंतर इसी तरह सहयोग की आवश्यकता है | आभार |
जवाब देंहटाएंवाह आज के हालात का क्या मारमिक वर्णन है । सोने चांदी की दुकां पर रोटियां बिकने लगीं । हर एक शेर जबरदस्त ।
जवाब देंहटाएं