दुनियादारी
दोस्ती के नाम पर ,जाम पीनेवाले भी,
दोस्ती के दामन में ,दाग लगा देते है
धुवें से डरते है,लेकिन खुदगर्जी में,
खुद आगे रह कर के आग लगा देते है
रोज की बातें है ,जो अक्सर होती है
खुदगर्जी झगडे का ,बीज सदा बोती है
कभी कभी लेकिन कुछ ,एसा भी होता है,
दुश्मन तो साथ मगर ,दोस्त दगा देते है
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
वकील के लिए मुवक्किल की स्पष्ट लिखित अनुमति आवश्यक-सुप्रीम कोर्ट
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यह महत्वपूर्ण फैसला '*कृष्णा कुमार ओझा और अन्य बनाम जितेंद्र चौधरी और अन्य'
मामले* में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया है।
इस मामले से जुड़ी मुख्य जानकारि...
15 घंटे पहले
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