विश्वास
एक गाँव में सूखा था,थी हुई नहीं बरसात
वरुण देव की पूजा करने ,आये मिल सब साथ
एक बालक आया पूजन को ,रख कर छतरी पास
होगा पूजन सफल ,उसी को था मन में विश्वास
'घोटू '
सत्तरवाँ साल
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*पहले उतरी बालों में चाँदी *
*और फिर उखड़े दो-चार दाँत *
*दुख-सुख की आड़ी-तिरछी सी ,*
*चेहरे पे उतरीं लकीरें तमाम *
*हथेलियों पर उभरीं नीली-नीली नसे...
49 मिनट पहले
कमाल का आशा संचार । छोटी सी गागर में सागर ।
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